ITR फाइलिंग करते समय चूक ना जाएं ये 10 बातें, नहीं तो लग सकता है भारी जुर्माना!

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अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना काफी मुश्किल लग सकता है, लेकिन आम गलतियों से बचकर, आप प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं और किसी भी रिफंड को सुरक्षित कर सकते हैं जिसके आप हकदार हैं। सटीकता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलतियों के कारण देरी, ऑडिट या आयकर विभाग के जरिए दंड भी लग सकता है।

आईटीआर फाइल करना क्यों जरूरी?

अपना आईटीआर दाखिल करना कई कारणों से महत्वपूर्ण है। मुख्य रूप से, यह आयकर अधिनियम के तहत एक कानूनी दायित्व को पूरा करता है, जो टैक्स कानूनों और विनियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, यह अलग-अलग सोर्स से आपकी आय का डॉक्यूमेंटेशन करता है, फाइनेंशियल प्लानिंग को आसान बनाता है और लोन व अन्य सरकारी डॉक्यूमेंट जैसे इनकम सर्टिफिकेट के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट प्रदान करता है।

2024 के लिए अपना आईटीआर फाइल करते समय ध्यान देने योग्य कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं…

1. सुनिश्चित करें कि आपके पास दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके सभी इनकम स्टेटमेंट, डिडक्शन प्रूफ और अन्य रिलेवेंट डॉक्यूमेंट तैयार हैं।

2. इनकम, इंवेस्ट और डिडक्शन से संबंधित सभी डॉक्यूमेंट, रिसिप्ट और प्रूफ का रिकॉर्ड बनाए रखें। भविष्य में किसी भी टैक्स जांच के लिए इनकी आवश्यकता हो सकती है।

3. सुनिश्चित करें कि आपका नाम, पता, पैन और बैंक अकाउंट डिटेल सही हैं। यहां किसी भी तरह की गलतियां समस्या पैदा कर सकती हैं।

4. सैलरी, किराये से इनकम, बचत से ब्याज और इंवेस्टमेंट जैसी इनकम के सभी सोर्स को शामिल करें। किसी भी इनकम को छोड़ने से पेनेल्टी हो सकता है।

5. धारा 80सी, 80डी आदि के तहत पात्र कटौतियों का दावा करने में पूरी तरह से रहें। गलत दावों के परिणामस्वरूप रिजेक्शन या कानूनी परेशानी हो सकती है।

6. सत्यापित करें कि फॉर्म 16 में TDS (सोर्स पर टैक्स कटौती) डिटेल फॉर्म 26AS में दिए गए डिटेल से मेल खाते हैं। किसी भी तरह की बेमेल से आपकी टैक्स कैल्कुलेशन में दिक्कत हो सकती हैं।

7. अपनी इनकम के सोर्स के आधार पर उपयुक्त आईटीआर फॉर्म का चयन करें। गलत फॉर्म का उपयोग करने से आपका रिटर्न अमान्य हो सकता है।

8 .  वेरीफाई में फेलियर फाइलिंग को अमान्य कर सकती है। इस स्टेज को न छोड़ें अन्यथा आपका रिटर्न अमान्य माना जाएगा।

9. इसे जमा करने से पहले हमेशा किसी भी गलती के लिए अपने रिटर्न की दोबारा जांच करें।

10. जरूरत पड़ने पर कर एक्सपर्ट/सीए से सलाह लें। आयकर विभाग से संपर्क करने की आवश्यकता होने पर भी मदद लेने में संकोच न करें।

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